Bank Manager Arrested : साइबर ठगों के बैंक सिंडिकेट का भंडाफोड़, 10 हजार के कमीशन पर उपलब्ध कराता था फर्जी खाते
एसीपी साइबर अपराध प्रियांशु दिवान ने बताया कि एक नवंबर 2025 को दर्ज हुई एक शिकायत की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची।

Bank Manager Arrested : दिल्ली से सटे गुरुग्राम में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खातों की सप्लाई करने वाले एक सफेदपोश अपराधी को गिरफ्तार किया है। गुरुग्राम पुलिस ने RBL Bank के एक रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया है, जो महज चंद हजार रुपयों के लालच में साइबर अपराधियों का मुख्य मददगार बना हुआ था।
पकड़ा गया आरोपी 35 वर्षीय अनूप दिल्ली के बिजवासन का रहने वाला है और उसके पास MBA की डिग्री है। वह साल 2024 से सेक्टर-14 स्थित RBL बैंक की शाखा में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस जांच में सामने आया कि अनूप ने बैंकिंग नियमों को दरकिनार कर अब तक 5 फर्जी कॉर्पोरेट बैंक खाते खोलकर साइबर ठगों को सौंपे थे। आरोपी अनूप प्रत्येक फर्जी खाता खोलने के बदले साइबर ठगों से दस हजार रुपये का सीधा कमीशन वसूलता था।

एसीपी साइबर अपराध प्रियांशु दिवान ने बताया कि एक नवंबर 2025 को दर्ज हुई एक शिकायत की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपी तक पहुंची। ठगी गई राशि में से एक बड़ी रकम तारा लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बने खाते में भेजी गई थी। जब पुलिस ने इस खाते की गहराई से पड़ताल की, तो बैंक मैनेजर अनूप की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले।
इस मामले में पुलिस अब तक छह आरोपियों को दबोच चुकी है। इससे पहले 30 दिसंबर को पुलिस ने पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें चार नेपाली नागरिक (शेर बहादुर, मिलन थापा, यनजय राय, मनीष) और एक पंजाब का निवासी (विरेन्द्र पाल सिंह) शामिल था। ये आरोपी व्हाट्सऐप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए स्टॉक मार्केट में निवेश का झांसा देकर लोगों को लूटते थे।

निरीक्षक नवीन कुमार के नेतृत्व वाली टीम अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या अनूप के साथ बैंक के कुछ अन्य कर्मचारी भी इस खेल में शामिल हैं। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इन खातों के जरिए अब तक कुल कितनी राशि की लेयरिंग (मनी लॉन्ड्रिंग) की गई है। आरोपी अनूप को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी।










